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khamoshi shayari

Khamoshi Shayari


Khamoshi Shayari In Hindi

ख़ामोशी एक ऐसा गुप्त भाव जो बिना कुछ बताये सब कुछ जाहिर कर देता है. ख़ामोशी एक ऐसी ध्वनिहीन भाषा जो चुपी मे भी सब कुछ बयां कर देती है.हर एक खामोश इंसान के पीछे एक दर्द भरी कहानी होती है | ऐसा खामोश या मायूस इंसान ऐसे समय में खुद से बातें करता है | अगर इसका सकारात्मक पहलु देखा जाये तो एक खामोश, शांत भाव और सकारात्मक विचारधारा का इंसान मनुष्य का जीवन सफल बना देता है | यदि हम अपने साथ नकारात्मक सोच रखे हुए है तो यही खामोशी हमे बर्बादी की राह पर धकेल देगी |

अक्सर लोग आजकल हमारी ख़ामोशी को हमारी कमज़ोरी समझते हैं इसी सोच को हमें बदलना है और ज़िन्दगी में आगे बढ़ते हुए सफलता की बुलंदियों को छूना है | ये तुम्हारा मनुष्य जीवन तभी साकार होगा अगर तुम जिंदा दिल सोच रखोगे | अक्सर हम खुद को अकेला महसूस करते है जब जीवन में हमें कोई छोड़ जाता है या हमारा दिल तोड़ देता है
हमे निराशा को भूलते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ ऐसा करना है जिससे तुम्हे खुद गर्व हो और उस व्यक्ति को अफ़सोस हो | दिल टूटने पर अक्सर हम लोग खामोश हो जाते है और उसे जाहिर करने के लिए शायरी का प्रयोग करते है |

जब खामोश आँखो से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं,
पतानही कब दिन और कब रात होती है


khamoshi shayari in hindi

अब अल्फ़ाज नहीं बचे कहने को

एक वो है,जो मेरी ख़ामोशी नहीं समझती। 

-Khamoshi Shayari

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं,

तूने गौर से नहीं देखा, इन आखों में कुछ और भी हैं.


वादियों से सूरज निकल आया है,
फिजाओं में नया रंग छाया है.
खामोश क्यों हो अब तो मुस्कुराओ,
आप की मुस्कान देखने नया सवेरा आया है..

-Khamoshi Shayari
khamoshi Shayari

हर ख़ामोशी का मतलब इन्कार नही होता,

हर नाकामी का मतलब हार नही होता,

तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें पा न सके

सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता.


जान ले लेगी अब ये ख़ामोशी,

क्यूँ ना झगड़ा ही कर लिया जाये..!


अंधेरे में भी सितारे उग आते,
रात चाँदनी रहती है,
कहीं जलन है दिल में मेरे,
ये खामोशी कुछ तो कहती है।

-Khamoshi Shayari

चलो अब जाने भी दो,

क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,

ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,

और बयाँ हम से होगा नहीं.


khamoshi shayari 2 line

लफ़्ज़ों की कमी तो कभी भी नहीं थी जनाब,

हमें तलाश उनकी है जो हमारी ख़ामोशी पढ़ लें ।

Khamoshi Shayari

Shayari on khamoshi

रात गम सुम है मगर खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ आज फिर होश नहीं,
ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में
हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं..

-Khamoshi Shayari

उसने कुछ कहा भी नहीं और मेरी बात हो गई,

बड़ी अच्छी तरह से उसकी खामोशी से मुलाक़ात हो गई.


खामोशियाँ अक्सर कलम से बयां नहीं होती,
अंधेरा दिल में हो तो रौशनी से आशना नहीं होती,
लाख जिरह कर लो अल्फाजों में खुदको ढूंढने की,
जले हुए रिश्तों सेमगर रौशन शमा नहीं होती !


pyar me khamoshi shayari

मुझे अपने इश्क़ की वफ़ा पर बड़ा नाज था,

जब वो बेवफा निकला, मैं भी खामोश हो गया.


khamoshi shayari hindi

साँसों को छलनी, जिगर को पार करती है

ख़मोशी भी, बड़े सलीके से वार करती है


ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था,
इस शहर में मुझसा कोई आया न था,
किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी मोहब्बत
हमने तो किसी का दिल दुखाया न था..

Khamoshi Shayari
Khamoshi Shayari

बोलने से जब अपने रूठ जाए,

तब खामोशी को अपनी ताकत बनाएं।

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खामोशी की तह में छुपा लीजिये उलझनें…

क्योंकि, शोर कभी मुश्किलें आसान नहीं करती…!!

khamoshi shayari wallpaper

Khamoshi Shayari

मैंने अपनी एक ऐसी दुनिया बसाई है,

जिसमें एक तरफ खामोशी और दूसरी तरफ तन्हाई है.


खामोशी पर शायरी

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह..


तेरी खामोशी, अगर तेरी मजबूरी है,

तो रहने दे इश्क कौन सा जरूरी है.

Khamoshi Shayari

sad emotional shayari in hindi on khamoshi

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है,
बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है,
हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को,
मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढलेती है।


तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,

तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।


उसने कुछ इस तरह से की बेवफाई,

मेरे लबो को खामोशी ही रास आई.


सुना है तुम ले लेते हो हर बात का बदला

आजमाएंगे कभी तुम्हारे लबो को चूम कर


दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है,

ऐ दोस्त, कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है.


दिल की खामोशी शायरी

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है।


जब खामोशी कमजोरी बन जाती है,

तो खूबसूरत रिश्तों में दरारे आ जाती है.


जाने क्या ख़ता हुई हमसे,

उनकी याद भी हमसे जलती है,

अब आँसू भी आग उगलते हैं,

ये खामोशी कुछ तो कहती है।


वक्त तुम्हारे ख़िलाफ़ हो तो खामोश हो जाना,

कोई छीन नहीं सकता जो तेरे नसीब में है पाना।


बातें किया कीजिए गलतफहमी दूर करने के लिए

क्योंकि ख़ामोशी से उलझे रिश्ते सुलझा नहीं करते.


जज्बात कहते हैं, खामोशी से बसर हो जाएँ,

दर्द की ज़िद हैं कि दुनिया को खबर हो जाएँ.


इश्क करने वालों को फुर्सत कहां जो गम लिखेंगे,
कलम इधर लाओ दोस्तों
इन बेवफाओं के बारे में हम लिखेंगे..


मेरी आवाज़ किसी शोर में गर डूब गई

मेरी खामोशी बहुत दूर सुनाई देगी..


जब कोई बाहर से खामोश होता है,

तो उसके अंदर बहुत ज्यादा शोर होता हैं


मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझ को खूब हँसाया,
घर की जरूरतों ने मेरे चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया।.


ख़ामोश शहर की चीखती रातें,

सब चुप हैं पर, कहने को है हजार बातें.


बडी लम्बी खामोशी से गुजरे हैं हम…

किसी से कुछ कहने की कोशिश में…!!


मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,

और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं।


बहुत मजबूर हो जाता है इंसान …
जब वो किसी का हो भी नहीं सकता …
और उसे खो भी नहीं सकता..


ये तुफान यूँ ही नहीं आया है,

इससे पहले इसकी दस्तक भी आई थी,

ये मंजर जो दिख रहा है तेज आंधियों का,

इससे पहले यहाँ एक ख़ामोशी भी छाई थी…!!!


हमारे रोने को वजह वो ही क्यों बनता है

जिसपे हम सबसे ज्यादा भरोसा करते है


जब वो खामोश होती है
तब मुझे दुनिया की सबसे महँगी चीज
उनकी आवाज़ लगती है..


दोस्त की ख़ामोशी को मैं समझ नहीं पाया,

चेहरे पर मुस्कान रखी और अकेले में आंसू बहाया।



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