Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
एक बार एक जवान लड़का बौद्ध भिक्षु के पास जाता है और कहता है मुनिवर मैं अपने जीवन से बहुत परेशान हूं। बौद्ध भिक्षु ने पूछा क्या परेशानी है तुम्हें। लड़के ने कहा, मेरे घर वाले मेरे मित्र और मेरे रिश्तेदार। कोई भी मेरी इज्जत नहीं करता। कोई मेरी किसी भी बात को महत्व नहीं देता।
अक्सर जब मैं घर के किसी भी मामले में अपनी राय रखता हूं तो मेरे माता पिता मेरी बातों को अनसुना कर देते हैं। जबकि घर में मेरे छोटे भाई की बातों को हमेशा ही गंभीरता से सुना और माना भी जाता है। सिर्फ मेरी ही बातों की कोई कद्र नहीं है।
मित्रों के बीच भी मेरी कोई इज्जत नहीं। वो अक्सर मेरा मजाक उड़ाते रहते हैं और न ही मेरे कोई रिश्तेदार मेरी बातों को गंभीरता से लेती है। ये सब देखकर अब तो मुझे भी लगने लगा है कि क्या मैं सच में इतना ही बेकार इंसान हूं कि कोई मेरा भरोसा नहीं कर सकता। अब तो मुझे इस बात का भी भरोसा नहीं है कि मैं समाज में कभी एक इज्जतदार और सम्मानित व्यक्ति बन भी पाऊंगा।
इसके बाद लड़के ने हाथ जोड़ते हुए कहा, मुनिवर क्या आप मुझे कोई ऐसा तरीका बता सकते हैं, जिससे हर कोई मेरी इज्जत करे। मेरी बातों को गंभीरता से ली और मैं खुद को एक इज्जतदार और सम्मानित व्यक्ति के रूप में देख सकूं। यह सुन बौद्ध भिक्षु ने कहा, सबसे पहले तो तुम ये समझो कि इज्जत उन्हें ही मिलती है जो इसके हकदार होते हैं उन्हें नहीं जो इसकी मांग करते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
इज्जत और भरोसा मांगा नहीं बनाया जाता है। लोग तुम्हारी इज्जत इसलिए नहीं करते क्योंकि उन्हें तुम्हारे कर्मों, तुम्हारी बातों और तुम्हारे विचारों पर भरोसा नहीं है। उन्हें तुम्हारी करनी और कथनी पर एकरूपता नहीं दिखती। Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
Apni Respect Kaise Badhaye?
बौद्ध भिक्षु ने पूछा अच्छा बताओ तुम्हें ऐसा क्या करना चाहिए कि लोगों को तुम्हारे प्रति भरोसा और मजबूत हो जाए और वो तुम्हारी इज्जत करने लगे। लड़के ने कहा, मुनिवर वही तो आपसे पूछने आया हूं और आप मुझसे सवाल कर रहे हैं कि मुझे क्या करना चाहिए। बौद्ध भिक्षु ने कहा, अच्छा ठीक है।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
ध्यान से सुनो आज मैं तुम्हें सात ऐसी बातें बताने जा रहा हूं, जिनका अगर तुम पालन करते हो तो लोग तुम पर भरोसा भी करेंगे और तुम्हारी इज्जत भी करेंगे। इसलिए पूरे ध्यान से इन सातों बातों को सुनना। -Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?

लड़के ने कहा, जी मुनिवर बौद्ध भिक्षु ने कहना शुरू किया। पहली बात सबसे पहले तुम खुद की इज्जत करना शुरू करो। जब तक तुम खुद ही अपनी इज्जत नहीं करोगे, कोई कैसे तुम्हारी इज्जत कर सकता है, इसलिए पहले खुद की इज़्ज़त करो। उसकी इज्जत करने का अर्थ है ये अच्छे से जानना कि आप कौन हैं, आप क्या कर सकते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
इस बात का भरोसा होना कि आप सबसे अच्छी चीजों के लायक है और आप के अंदर इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि आप हर उस चीज को ना बोल सकें या उससे दूर जा सकें जो आपके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाती है। खुद की इज्जत करना आपको जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और आप ज्यादा खुश रहते हैं। खुद के प्रति इज्जत होना आपके अंदर अनुशासन लाता है।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
आप ज्यादा अनुशासित जीवन जीते हैं। किसी भी चीज या किसी भी इंसान के लिए अपने स्वाभिमान को ना गिरने दें, क्योंकि आपका स्वाभिमान ही सबकुछ है। इसलिए सबसे पहले खुद का सम्मान करना शुरू करें। लोग आपका सम्मान करना खुद ही शुरू कर देंगे। –Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?

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बौद्ध भिक्षु ने कहा, दूसरी बात अपनी सोच हमेशा सकारात्मक रखो। गौतम बुद्ध ने कहा था जैसा हम सोचते हैं वैसा ही हम बन जाते हैं। इसलिए सकरात्मक सोचें। सकरात्मक सोच रखने वाले लोग दूसरों को अपनी तरफ ज्यादा आकर्षित करते हैं और दूसरे लोग ऐसी सकारात्मक सोच वाले लोगों की इज्जत भी करते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
केवल अपने चेहरे पर मुस्कान न लेना ही सकारात्मकता नहीं कहलाती एक सकरात्मक व्यक्ति हमेशा किसी भी समस्या के समाधान की सोचता है। वह समस्या को लेकर रोता नहीं रहता है। वह किसी भी विपरीत परिस्थिति में कुछ न कुछ अच्छा निकाल ही लेता है।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
इसलिए ऐसे व्यक्ति की सभी इज्जत करते हैं। उसकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। एक सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति अपने चारों तरफ ऐसा माहौल बनाए रखता है कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी ज्यादा सकारात्मक और प्रसन्न महसूस करते हैं व जो भी इंसान उसके संपर्क में आता है वो उसकी सकारात्मक ऊर्जा को उसके अंदर ही महसूस कर पाता है। Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
खुद का सम्मान कैसे करें?
बौद्ध भिक्षु ने कहा, तीसरी बात इस चीज का ख्याल रखो कि लोगों के साथ आपका व्यवहार कैसा है। आपको लोगों से कितनी इज्जत मिलेगी ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप लोगों को कितनी इज्जत देते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
अगर कोई आपको सम्मान देता है तो उसे यह सम्मान दीजिए, लेकिन अगर कोई आपको सम्मान नहीं भी देता तब भी आप उसे सम्मान दीजिए। यहां हम किसी दूसरे के गलत व्यवहार की। उनके व्यहार को गलत नहीं कर सकते क्योंकि हम दूसरों से पहले खुद की इज्जत करते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
हमारी अच्छी आदतों की सही परीक्षा भी किसी बुरे इंसान के संपर्क में आने से ही हो सकती है क्योंकि तब हमें अपने ऊपर काबू रखना होता है और तब हम पता कर सकते हैं कि हमारे आदर्श कितनी गहराइयों तक हमारे अंदर उतर चुके हैं। कई बार हमारा अच्छा व्यवहार हमारे सामने ऐसे सुनहरे अवसर लाकर खड़ा कर सकता है।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
जैसे मौकों की हमने कभी कल्पना भी नहीं की होती। दूसरों को इज्जत देना उन्हें अपने प्यार को महसूस करवाने का सबसे अच्छा तरीका है। किसी की सच्चे दिल से इज्जत करना उन्हें प्यार करने का एक तरीका है। इसलिए पहले कुछ लोगों को इज्जत दो कि लोग भी आप को इज्जत देना शुरू कर देंगे। –Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट कैसे बनाये?
एक बौद्ध भिक्षु ने कहा था किसी से बातचीत के दौरान ज्यादा बोलने की बजाय ज्यादा सुनने पर ध्यान दूं। जब आप कम बोलते हैं और ज्यादा सुनते हैं तो लोग आपको सबसे ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि दूसरे लोगों को सुनने की यह खासियत बहुत ही कम लोगों में होती है और आपकी बस यही एक खासियत आपको हजारों की भीड़ से अलग बनाती है क्योंकि इस दुनिया में हर इंसान यही चाहता है कि लोग उसकी सुनें, लेकिन ज्यादातर लोग सुनते नहीं और जब आप लोगों की बातों को सुनते हैं।Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
उन्हें समझने के लिए तो आप बहुत कुछ नया तो सीखते ही हैं। साथ ही उस इनसान की नजरों में आपकी इज्जत बहुत बढ़ जाती है। इसलिए जब भी लोगों से बात करें तो ज्यादा सोचने की बजाय उनकी बातों को सुनने और समझने की कोशिश करें। –Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
बौद्ध भिक्षु ने कहा, पांचवीं बात लोगों से जो वादा करो, उसे पूरा भी करो। हमारी विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा धक्का तब लगता है जब हम अपनी बोली हुई बात पर अमल नहीं करते। जब लोगों को ये लगता है कि हमारी करनी और कथनी में बहुत अंतर है तो उनकी नजरों में हमारी इज्जत कम हो जाती है और वो हमारी बातों और कामों को गंभीरता से लेना छोड़ देते हैं।
साथ ही ऐसे इंसान के साथ कोई भी काम नहीं करना चाहता, जिससे हम अपने जीवन में आने वाले बहुत से अच्छे मौकों को गवां बैठते हैं और जीवन में आगे नहीं बढ़ पाती और जो इंसान अपनी बोली हुई बात पर अडिग रहता है और हर हाल में उस काम को पूरा करता है, जिसके लिए उसने वादा किया था। ऐसे इंसान को सभी पसंद करते हैं और उसकी इज्जत करते हैं। इसलिए लोगों के सामने वही बोलो जिसे पूरा कर सको। –Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
अपनी इज्जत कैसे बनाएं
बौद्ध भिक्षु ने कहा, छठा ज्यादा अच्छा और सीधा इंसान बनने की कोशिश मत करो। लोग कभी भी ऐसे इंसान को गंभीरता से नहीं लेते जो उनकी हर बात पे हां में हां मिलाते हैं क्योंकि ऐसे लोगों की अपनी कोई अलग और मजबूत राय नहीं होती। ये बस हर किसी की हां में हां मिला देते हैं और सोचते हैं कि सामने वाला इन्हें पसंद करेगा।
इनकी इज्जत करेगा लेकिन होता ठीक इसके विपरीत है। लोग हमेशा ऐसे इंसान की ज्यादा इज्जत करते हैं जो गलत को गलत और सही को सही बोल सके। जिसका अपना खुद का एक स्वतंत्र नजरिया और सोच हो।
इसलिए एक मजबूत इरादों वाला इंसान बनने की कोशिश करें न कि एक ऐसा इंसान जो दूसरों को खुश करने के लिए अच्छा इनसान बनने का नाटक करते रहता है, क्योंकि ऐसा करके न तो वो इंसान खुद खुश रहता है और ना ही दूसरे उसे गंभीरता से लेते हैं। –Motivational Story- खुद की इज्जत कैसे बढ़ाएं?
बौद्ध भिक्षु ने कहा कि और अंतिम लोगों के सामने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। कई बार जब हम ज्यादा खुश या दुखी होते हैं और लोगों से मिलते हैं तो अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाते और इसी दौरान हमारे मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकल जाते हैं या फिर हम कुछ ऐसा काम कर देते हैं, जिसके लिए हमें जिंदगीभर पछतावा होता है या कभी कभी हम लोगों की बातों पर प्रतिक्रिया कर देते हैं।
बिना उनकी पूरी बात सुने। हमें ऐसे मौकों पर अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। अगर हम सुख दुख या किसी भी ऐसे मौके पर उनको शांत रख पाते हैं तो लोगों की नजरों में हम एक गंभीर और सहनशील इंसान के रूप में उभर कर आते हैं और एक गंभीर व सहनशील इंसान की इज्जत सभी करते हैं।
इसलिए अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की कोशिश करें। लड़के को अपने प्रश्नों का उत्तर मिल चुका था। उसने बौद्ध भिक्षुओं का धन्यवाद किया और वहां से चला गया।
महत्वपूर्ण दान

महत्वपूर्ण दान वही है जो भावना और श्रद्धा से किया जाए।
एक दिन की बात है। भगवान बुद्ध एक पेड़ के नीचे चबूतरे पर शांति से बैठे हुए थे। चारों ओर श्रद्धालु भक्तों की भीड़ थी। कोई सोना-चांदी लेकर आया, कोई मिठाइयाँ और फल। सभी अपनी-अपनी भेंट भगवान बुद्ध को अर्पित कर रहे थे।
उसी समय, एक बुज़ुर्ग महिला थके हुए कदमों से आगे बढ़ी। उसकी हालत बहुत साधारण थी — कपड़े पुराने, शरीर कमज़ोर, पर आँखों में सच्ची श्रद्धा।
उसने धीमी आवाज़ में कहा:
“भगवन, मैं बहुत गरीब हूँ। मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं था। आज मुझे एक आम मिला था। भूख से आधा खा चुकी थी, लेकिन जब सुना कि आज आप दान स्वीकार कर रहे हैं, तो ये आधा आम लेकर आ गई। कृपा करके इसे स्वीकार करें।”
यह सुनकर भगवान बुद्ध मुस्कराए। उन्होंने तुरंत अपना हाथ आगे बढ़ाया और बड़े प्रेम से उस आधे आम को अपनी अंजुलि में रख लिया — जैसे कोई अनमोल चीज़ मिली हो। वृद्धा के चेहरे पर संतोष था। वो चुपचाप सिर झुकाकर लौट गई।
पास ही खड़े राजा ने यह दृश्य देखा और हैरान रह गया।
उसने पूछा:
“भगवन, ये वृद्धा तो आपको जूठा आम दे रही थी, फिर आपने इतनी श्रद्धा से क्यों स्वीकार किया?”
बुद्ध शांत स्वर में बोले:
“राजन, तुमने मुझे अपनी बड़ी संपत्ति में से थोड़ा-सा हिस्सा दिया है। लेकिन इस वृद्धा ने अपने पास का सबकुछ दे दिया। उसके दान में न कोई अहंकार था, न दिखावा — सिर्फ प्रेम और समर्पण था।
ऐसा दान बहुत दुर्लभ होता है। यही सच्चा दान है।”

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