कागजी मोहब्बत Love Story In Hindi Kaagzi Mohabbat

यह कहानी कागजी मोहब्बत है इंदौर शहर की जहाँ एक बहुत ही प्रसिद् एक शायर रहा करते थे। उसका दिन रात बस उसके किताबो और शायरी मे ही गुजर जाया करता था। अब शायर है तो अंदाज़ तो कुछ शायराना तो होगा ही,पर कुछ था उनके मन मे जिस कारण अंदर से उदास रहा करते थे,और अपनी उदासी को शायरी का नाम दे कर,कागज़ो पर उतार दिया करते थे। पर कहते है ना की शोहरत इतनी आसानी से नहीं मिलती,उनकी प्रसिद्धि जरूर थी, पर उनकी आर्थिक स्थिति उतनी ही लाचार थी, घर वालो ने तो बहुत पहले ही साथ छोड़ दिया था,जैसे तैसे बस गुज़ारा ही चल रहा था,ऊपर से तन्हाई ने जीना और दुस्वार सा कर दिया था |
एक दिन अपने हालातो से तंग आकर उन्होंने अपने मन की हर बात हर जज्बातों को कागज़ो मे लिख कर,किसी अनजान पते पर बिना सोचे समझे भेज दिया। उन्होंने सोचा की यह पता तो गलत ही है,लौट कर वापस मेरे दरवाज़े पर ही आएगी,तो क्यों ना खुद को ही खत लिखू,और इस तरह उन्होंने ऐसे कई खत उस अनजान पते पर भेजना शुरू कर दिया| Love Story कागजी मोहब्बत
पर शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, जिस पते पर उस शायर ने अपने खातों को भेजा बह पता बनारस मे रहने वाली एक चंचल सी लड़की का था। वह लड़की बनारस के एक वृद्धा आश्रम मे काम किया करती थी,उसकी शादी उसके माँ बाप ने बहुत ही कम उम्र मे लखनऊ के एक नामी खानदान मे करवा दी थी,पर उसके पति की बहुत छोटी उम्र मे ही मौत हो गयी थी,और घर वालो ने उस लड़की से हर रिश्ते तोड़ लिए थे। कागजी मोहब्बत
इस लिए वह बनारस आकर एक विधवा का जीवन जीती और वही वृद्धा आश्रम मे काम करके अपना गुज़ारा करती। पहले पहल उसको उन खातों का मतलब समझ नहीं आया,लगा शायद किसी ने गलती से उसे भेजा है,पर जब उसको हर बार यह खत मिलने लगे तो,मन मे आया कि एक बार खोल कर पढ़ ही लू, शायद किसी का जरुरी पैगाम हो|-Love Story कागजी मोहब्बत
ना जाने उन खातों मे उन शब्दो मे क्या जादू था, वह लड़की भी वह पैगाम पढ़ कर अब मुस्कुराने लगी थी। पहले पहल गुस्सा तो बहुत आया,सोचा कि अब जब डाकिया आएगा तो उसको बहुत डाटूंगी,पर नजाने वह ऐसा कुछ कर नहीं पायी,क्युकी उन खातों मे कोई फ़िज़ूल की बाते नहीं,बल्कि उस शायर के मन के अंदर के भाव जो वह किसी से कह नहीं पाया वह लिखा हुआ था,कही ना कही ऐसे भाव उस लड़की के मन मे भी थे,पर समाज के नियमो ने उसको विधवा का नाम देकर नकार ही दिया था,यह सब सोचना भी पाप बन गया था उसके लिए। कागजी मोहब्बत
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यहां शायर भी हैरान था कि इतने खत लिखे मैने ना मुझे उनके जवाब आये,ना खत ही ल्रॉट कर आया, इस बार शायर ने खत मे उन खातों का जवाब माँगा, जब लड़की ने पढ़ा कि उसको जवाब चाहिए तो हैरान हो गयी, और सोचा कि मैं कैसे किसी अजनबी को बिना जाने ऐसे खत लिखू, फिर भी हिम्मत कर उसने दो शब्द लिख कर भेज ही दिया। शायर यह जानकर कि उसको खतो के बदले जवाब आया,बहुत ही हैरान रह गया,और उत्सुक हो उसने वह खत पढ़ा,जैसे वैध नब्ज़ देख कर बीमारी बता देता है,बैसे ही शायर ने शब्दों को पढ़ कर उसके मन का हाल जान लिया|-Love Story कागजी मोहब्बत
अब तो खतों का सिल्रसित्रा दोनों और से चलना शुरू हो गया। दोनों अब बहुत खुश रहने लगे, जैसे सब कुछ बदल सा गया हो। एक अलग ही मुस्कान अब रहने लगी चेहरे पर एक दूसरे के, शायद यह उन खतों का ही जादू था,जो दोनों के मन मे खुशिया भर रहा था। कागजी मोहब्बत

फिर एक दिन शायर ने अपने बारे मे लिख कर भेजा कि वह क्या करता है,कौन है कैसा है,लब लिख कर उसको भेजा। लड़की पढ़ कर जान लार डर सी गयी, उसके मन मे यह ख्याल आया,कि जो मै कर रही हू वह भी एक विधवा के लिए पाप ही है,और अगर मैंने सच बताया तो शायद यह खत आने बंद हो जायेंगे, इस कसमकश मे उसको पूरी रात नींद नहीं आयी, फिर भी उसने हिम्मत कर अपने बारे मे सब सच लिख कर भेज दिया।
जब शायर ने बह खत पढ़ा तो उसके दिल मे उस लड़की के प्रति इज़्ज़्त और सम्मान और बढ़ गया,और खत का आना बंद नहीं हुआ,यह देखकर वह लड़की भी बहुत खुश हो गयी, कि शायद कोई तो है जो मेरे मन की बाते सुनना चाहता है| -Love Story कागजी मोहब्बत
फिर एक दिन उस शायर ने खत मे पूछा क्या हम कभी मिलेंगे, अगर हां तो कैसे और ना तो क्यों नहीं। लड़की ने जवाब मे लिखा, यह महज एक खत नहीं है, यह हमारे मन के भाव है जो सिर्फ हम समझ सकते है। यह दुनिया नहीं, मिलना जुलना हर कोई चाहता है, पर मैं नहीं चाहती कि यह समाज मेरे कारण आपको कुछ अपशब्द कहे, इसलिए अगर आपको अच्छा लगे तो क्यों ना हम खतों से ही केवल जुड़े रहे, यह खत यह शब्द तो केवल हमारे है, इनके बीच ना समाज है, ना कोई कानन, ना ही कोई नियम। कागजी मोहब्बत
जब शायर ने यह सब पढ़ा तो उसने भी उसके मन की बात को समझा, और उसकी बात मन ली।समय बदला अब शायर बहुत नाम कमाने लगा, बहुत तरक्की करने लगा, यहाँ वह लड़की भी विधवाओं की सेवा मन से करने लगी, और जो उसको और पढ़ने की चाह थी उसको पूरा करके एक अच्छी शिक्षिका बन गयी,पर जो नहीं बदला वह था खतों का आना जाना। कागजी मोहब्बत
मानाइस कहानी मे बहुत संवेदना और समाज के कुछ कट्रु सत्य छुपे है, पर प्यार में दिल के तार जुड़ना आपसी समझ होनाबहुत जरुरी होता है। आज के यंत्रो के दौर मे लोग पास होकर भी दूर हो गये,और जो दूर है वह दूर होकर भी पास हो गये,
इसलिए रिश्ता कोई भी क्यों ना हो, आपसी समझ, एक दूसरे का सम्मान, और दूसरे के मन की बाते सुनना बहुत जरुरी है,और यही हमे एक सुखद जीवन का आंनद देती है।

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